ब्लर्टिंग (Blurting)
जो याद है वह सब लिख डालें, फिर मिलाएँ।
ब्लर्टिंग (blurting) सक्रिय स्मरण का एक तेज़ अभ्यास है: पढ़ने के बाद आप विषय के बारे में जो कुछ जानते हैं लिख डालते हैं, फिर स्रोत से मिलाकर देखते हैं कि क्या छूट गया।
अभी आज़माएँ
यह डेमो सेव नहीं होता। अपने आँकड़े रखने के लिए पूरा सत्र शुरू करें।
पूरे सत्र में इस्तेमाल करेंयह कैसे काम करती है
पढ़ाई के एक हिस्से के बाद अपने नोट्स बंद करें और जो कुछ याद आए, जितनी तेज़ी से हो सके और किसी भी क्रम में लिखें। ढाँचे की चिंता न करें; मक़सद दिमाग़ को काग़ज़ पर ख़ाली करना है।
फिर स्रोत खोलें और मिलाएँ। जो कम था या ग़लत था, उसे दूसरे रंग से चिह्नित करें। यही कमियाँ ठीक वही हैं जो आपको आगे पढ़नी हैं। FocusKept में गाइड सत्र को “सब कुछ लिख डालें” और “स्रोत से मिलाएँ” चरणों में बाँटता है।
क़दम दर क़दम
- एक हिस्सा या विषय पढ़ें।
- स्रोत बंद करें और बिना रुके जो कुछ याद है लिखें।
- स्रोत खोलें और पंक्ति-दर-पंक्ति मिलाएँ।
- जो छूटा या ग़लत लिखा, उस पर निशान लगाएँ।
- कमियाँ पढ़ें और बाद में फिर से ब्लर्टिंग करें।
किसके लिए सबसे अच्छी
- लेक्चर या पाठ्यपुस्तक के अध्यायों का दोहराव
- आपस में जुड़े ढेर सारे तथ्यों वाले विषय, जैसे इतिहास या जीवविज्ञान
- पढ़ाई के हिस्सों के बीच जल्दी जाँच
कब इस्तेमाल न करें
- सवाल हल करने वाले विषय, जहाँ अभ्यास बेहतर काम करता है
सवाल
क्या ब्लर्टिंग व्यवस्थित होनी चाहिए?
नहीं। क्रम से ज़्यादा रफ़्तार अहम है। ढाँचा बाद में, मिलाते समय बनता है।
ब्लर्टिंग और Feynman तकनीक में क्या फ़र्क़ है?
ब्लर्टिंग परखती है कि आप क्या याद कर सकते हैं; Feynman परखती है कि आप उसे समझते हैं या नहीं। FocusKept में हर लर्निंग सत्र Feynman चरण पर ख़त्म होता है, इसलिए दोनों मिल जाते हैं।
हर विषय पर कितनी बार ब्लर्टिंग करें?
पढ़ने के तुरंत बाद, और फिर कुछ दिन बाद। FocusKept के दिन 5, 10 और 30 वाले दोहराव ख़ुद को फिर से परखने के स्वाभाविक मौक़े हैं।